अपनों के खातिर

अपनों के खातिर मरता रहा सदा पर, जब से अपने लिए जीने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनों के खातिर ……

 

अपनों के खातिर दुखी रहा सदा पर,जब से अपने लिए खुश होने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या, अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनों के खातिर…

 

अपनो के खातिर व्यस्त रहा सदा पर,जब से अपने लिए वयस्त होने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या, अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनो के खातिर…..

 

अपनो के खातिर बेवजह झुकता रहा सदा पर, जब से अपने लिए झुकने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनो के खातिर…

 

अपनो के खातिर त्याग करता रहा सदा पर, जब से अपने लिए हक लेने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनो के खातिर…..

 

अपनो के खातिर अपना बेमतलब रहा सदा पर, जब से अपने लिए मतलबी होने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया ||
अपनो के खातिर…

 

अपनो के खातिर संग रहा सदा पर, जब से अपने लिए अकेला रहने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया ||
अपनो के खातिर…..

 

अपनो के खातिर चुप रहा सदा पर,जब से अपने लिए बोलने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या, अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया।।
अपनो के खातिर…

 

अपनो के खातिर अपमान सहा सदा पर,जब से अपने लिए मान लेने लगा।
तब से दूसरों ने तो क्या,अपनों ने ही साथ देना छोड़ दिया ||
अपनो के खातिर…

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Ajay Saini

मैं लाला राम सैनी (Ajay)ग्राम पोस्ट बरखेडा, तह.मालाखेडा,जिला.अलवर, राजस्थान पिन कोड 301406 का रहने वाला हूँ | मैंने Electronics Mechanic से ITI और हिन्दी साहित्य से Post Graduate हूं | वर्तमान में दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro-DMRC) में तकनीकी विभाग में कार्यरत हूँ | मुझे काव्य लेखन का अत्यधिक शौक है| इसलिए मैंने मन के पर वेबसाइट को चुना | यहाँ पर मुझे अपनी कला को साबित करने का मौका मिला है,मैं तहे दिल से Man Ke Par का आभारी हूँ |

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