इन्सान की फितरत, insan ki fitrat

कमी मुझमें ही होगी

देखता हूँ कमियों को दूसरों की कोई गुण न देख पाऊँ तो कमी मुझमें ही होगी | इस कविता को पूरा पढने के लिए यहाँ क्लिक करें Read more
इंसानों में पाया है

इंसानों में पाया है

इंसानों में पाया है हर पत्ते में है सूरत तेरीहर जर्रे में साया है पत्थरों में था ढूँढता तुझ को .............को पूरा पढने के लिए क्लिक करें Read more
इसका नाम है प्यार, मेरा जीवन

मेरा जीवन

हे निरंकार मेरा जीवन कुछ ऐसा हो  जाये कर सकूँ मैं भक्ति तेरी , जीबन का उद्हर हो जाये , Read more
Mercy, रहमत, सेवा, sewa

करो दुआ मेरे लिए

करो दुआ मेरे लिए  , मुझे बो मुकाम मिल जाए , है जो प्यारा इस निरंकार का बो इन्सान मिल जाए , Read more
true master,दास दाता

सतगुरु

सतगुरु ना कुछ मांगता है ना कुछ चाहता है , ये तो बस प्यार सिखाता है बता कर रास्ता गुरसिखी का  उस पर चलना सिखाता है , गिरा कर दिबार… Read more
ज़रूरत किरदार की

ज़रूरत किरदार की

बस ज़रूरत किरदार की है था सब कुछ तेरे पास ऐ इन्सान फिर क्या  ज़रूरत थी दीवार की छोड़ कर दामन नेकी का इस बुराई के दीदार की मुझसे कोई… Read more
इंसानों में पाया है

अरदास

इतनी सी अरदास  है दाता , तूं मालिक मैं दास हूँ दाता , मैं मेरी का भेद मिटादे , दाता अपने चरनी ला दे , Read more
true master,दास दाता

दास बनाकर रख लो दाता | Daas Banaakar Rakh Lo Data

दास (Daas) बनाकर रख लो दाता(data) मैं मेरी का कोई मोल नहीं , तूं पारस है बख्शनहार तेरे दर ते थोड नहीं , मन है मेरा इक उड़ती पतंग जिस… Read more
नया पैगाम

नया पैगाम

नया पैगाम एक ऐसी लघु कविता है जिसमें आपको इंसानियत झलकती हुई साफ़ दिखाई देगी जो आज के हालातों से जुडी हुई है I कविता पढने के लिए क्लिक करें Read more