गाँव, gaanv,गांव

नानी मां का वो गांव

नहीं भूला हूँ मैं आज भी नानी माँ का वो गांव । कितना सुखमय बीता मेरे बचपन का वो पड़ाव। ग्राम्य जीवन दुष्कर था पर नहीं था वहाँ तनाव॥ Read more
शराबी

शराबी

आज एक शराबी देखा रूप जिसका नबाबी देखा बिना ताल के झूम रहा था ,जन्नत  में यों घूम रहा था , Read more
ज़रूरत किरदार की

ज़रूरत किरदार की

बस ज़रूरत किरदार की है था सब कुछ तेरे पास ऐ इन्सान फिर क्या  ज़रूरत थी दीवार की छोड़ कर दामन नेकी का इस बुराई के दीदार की मुझसे कोई… Read more
जिन्दगी-में

जिन्दगी में

कई आते है कई जाते है जिन्दगी में , कुछ हँसाते हैं  कुछ रुलाते हैं ज़िंदगी में Read more
हिन्दू मुस्लमान

कोई कहे हिन्दू कोई कहे मुस्लमान

कोई कहे हिन्दू कोई कहे मुस्लमान , इस जग मैं मिला नहीं ऐसा जो कहें ऐसा , मैं हूँ इन्सान , Read more
एक शख्स

किरदार आसान नहीं होता

किरदार पर एक अत्यंत दुर्लभ , नयी, और सबसे अलग श्रेष्ठ तथा शिक्काप्षद कविता जिसे बच्चों को अवश्य पढाना चाहिए तथा बड़ों को अवश्य पढना चाहिए.. Read more
ऐतवार, sunday, trust

ऐतवार पर ढेर सारी शायरी और कविताएँ

ऐतवार नहीं होता:- एक सबसे अलग बिलकुल नई कविता को हिंदी में पढ़कर यकीनन आपको बहुत अच्छा महसूस होगा I पढने के लिए यहाँ क्लिक करें I Read more
Father

पिता

पिता वो होता है जो खाली  पेट  हमारा पेट भरता है बिना सोए हमें सुलाता है हम अपनी जिंदगी जिए हर पल Read more
परिवार, परिवार – कहानी हर घर की-2,एक बार बताया तो होता-bataaya to hota

बातें

बड़ी बड़ी बातें बनाते है हम सीखाते है ज्यदा  सीखते है कम . to read ultimate poetry please click here..(available in hindi)... Read more
बच्पन्न, bachpan, childhood

बच्चपन

बच्चपन:- वो जमाना भी तो क्या जमाना थासब थे अपने ना कोई बेगाना थाकोमल तन नाजुक मनबस जीने का बहाना था...click here to read full..... Read more