दोस्ती
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दोस्ती हमारी | Dosti Hamari

दोस्ती हमारी | Dosti Hamari

दोस्ती (Dosti) हमारी  सारे जग से न्यारी

जान इसपे  वारु लागे  जान से प्यारी

जमाना देख जलता है बातें हजार करता है

कोई जितना व् टोके कोई जितना बी हममे रोके

उतनी और होती जाये गहरी और न्यारी

सारे जग से न्यारी …..

खिलते गुलाब सी यह महके चिड़ियों सी यह चेहेके

चड़ते सूरज सी रंगीन समुंदर सी यह गहरी

शहद से भी मीठी नमक से भी नमकीन

दोस्ती हमारी सारे जग से न्यारी ……

किसी जादू का आकर्षण है देख प्यार और समर्पण है

परवाह नै जमाने की किसी के आने और जाने की

जब विचार हम करते है स्वर्ग से भी आगे निकलते है

रोज बैठ कर नई नई स्कीमें घडते है किसी को न हम छोड़ें

जोह मिले उसी का कान मरोड़े

परवाह नै किसी की सलाह नै किसी की

दोस्ती हमारी सरे जग से न्यारी…………

दोस्ती हो एईसी जैसे दिया और बाती

रिश्ता हो एईसा चाँद और च्कोअर्र जैसा

करू लाख जनम कुर्बान वारू जान और ईमान

दोस्ती में कोई सौदा नहीं छोटे बड्डे का औधा नहीं

जोह मेरा सो तेरा ए दोस्त दोस्ती है कोई सौदा नहीं

दिन हो या रात जब बी करू तुझे याद

तेरी सलामती की करूं फ़रियाद

तेरे दुःख का एहसास करूं मै , अपना सुख तुजपे बारू

इस दोस्ती क खातिर जिऊ और मरुँ मै

जोह ना हो करना वोह भी करूं मै

रब्ब से मांगू तेरा साथ हर दम दे सकूं तेरा साथ

दोस्ती हमारी सारे जग्ग से न्यारी ……..

 

 

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