गम और आंसू – दर्द की इन्तेहा

गम और आंसू  कविता की रचना तब होती है जब   दिल के दर्द की इन्तेहा हो जाती है |  आँखों से बहने वाले आंसुओं
की कहानी को इस अद्भुत काव्य के रूप में पढ़ें:-

कभी ख़ुशी तो कभी गम  में आते है ये आंसू
किसी की तन्हाईयों के साथी है ये आंसू ,

 

तो कोई कहता कायरता की निशानी है होते ये आंसू ,
हम तो कहते है ;आँखों की तक़दीर में  होते हैं ये आंसू ,

 

दिल की हसरत आँखोंकी जुबान है होते ये आंसू ,
लाख करो कोशिस शुपाने की फिर भी आँखों से निकल ही आते है ये आंसू ,

 

हम ये आंसू किसी को दिखाया नहीं करते, आंसू अपना हक आँखों पर जताया नहीं करते ,

किसी को प्यार में मिला ईनाम तो किसी की पूरी जिन्दगी का बयान हैं ये आंसू ,

 

जो पूरा ना हो सका ,उस अधूरे अरमान की दास्ताँ का कब्रिस्तान हैं  ये आंसू ,
आँखों की भाषा बिन कहे सबाल का जबाब है ये आंसू ,

 

आँखों में  आंसू यूँ आया नहीं करते ,हम आंसू किसी को दिखया नहीं करते ,,,,,,,,,,,

 

गम और आंसू की इस कविता के साथ यह भी पढ़ें :-

 

 

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