फ़ौजी की ज़िन्दगी

फ़ौजी की ज़िन्दगी

फ़ौजी की ज़िन्दगी

फ़ौजी की ज़िन्दगी आसान नहीं

दिन हो या रात आराम नहीं

दिन रात खड़े हैं बॉर्डर पे

सिर्फ एक आर्डर से

 

फ़ौजी अपना फ़र्ज़ आखिरी सांस तक निभाता है

खून का एक एक कतरा कुर्बान देश पर कर जाता है

 

फ़ौजी एक ज़ज्बात है अपना कुछ नहीं बस राख है

मायके की तरह है घर और ड्यूटी पर साहब जैसे कि  सास है

 

साल में 45  दिन की छुट्टी फिर वोही काली रात है

सिगनल नहीं  है बॉर्डर पर मुश्किल से होती बात है

 

घर बच्चे वीवी सब हैं पर  उनके लिए  टाइम की कमी  है

करते है याद सब उसको सबकी आँखों में नमी है

 

फिर भी ना कोई गिला ना शिकवा मरने का कोई डर नहीं

उंगली उठाये देश पर कोई तो फौजी सकता ज़र नहीं

 

अपना फ़र्ज़ निभाना  है क़र्ज़ मत्र्भूमि का  चुकाना है

फौजी की ज़िंदगी आसान नहीं देश के लिए  खुद को मिटाना है

 

ये वर्दी तन पर सजते ही एक जोश नया भर देती है

हर दुःख दर्द मुसीबत को  सहने की ताकत भर देती है

 

अनुशासन अपना गहना है

हर समय अपनी रायफल के संग रहना है

रायफल बॉर्हडर पर हमारी  लाईफ है

पत्नी की तरह साथ निभाए  ये भी हमारी वाईफ है

 

 

इस वर्दी पर हमें नाज़ है

टोपी सर का ताज है

कुछ बीत गए पल ज़िंदगी के

कुछ आने वाले आज हैं

 

नोच लें हम आँखें उनकी जो देश पर बुरी नज़र डालेगा

ज्वालामुखी भरा है दिल में जो दुश्मन को जला डालेगा

 

फौजी हैं हम सीधे सच्चे नम्रता हमारे संस्कार में है

जब बात आती है देश पर तो तलवार से भी ज्यादा धारदार है

 

दोस्तों के दोस्त यारों के यार हैं  सारी दुनिया अपना घर देश से हमें प्यार है

देश प्रेम में जान वारे वो तो बिरला ही कोई  दिलदार है

 

प्यार तो करते हैं सब पर निभा पाए ना हर कोए

जागते है हम  ताकी दुनिया आराम से सोए

 

 

ना कोई नफा देखे ना कोइ नुक्सान

मैं हूँ फौजी भारत मेरी शान

 

शमा के लिए जले परवाना  और देश के लिए फौजी

चलते हैं अपनी मौज में दोनों हैं मनमौजी

 

फौजी टाईम के पक्के हैं

दुश्मन में छुड़ाते छक्के हैं

जों  दुश्मन भी  देखें   हमें

रह जाते हक्के बक्के हैं

 

अंगार दहकते आँखों में  और फौलाद भरा है सीने में

देख के जान अटक जाये दुश्मन की हलक में दिक्कत हो उसको जीने में

 

जोश भरा है चीते सा पागलपन सवार है

कोई क्या जाने फौजी को ये तो देश के लिए प्यार है

 

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One comment

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    Nice 👍🏻👍🏻

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