Love or Tickle | मोहब्बत या फिर गुदगुदी

Love or Tickle | मोहब्बत या फिर गुदगुदी

Love or Tickle | मोहब्बत या फिर गुदगुदी

तूने की थी मोहब्बत या फिर गुदगुदी (Love or Tickle) की थी
हँसी आ जाती है आज भी याद करके मुझे
पता नहीं चलता कि रोता है दिल मेरा या नहीं
बस आँखों में नमी आ जाती है याद करके तुझे
तू तो थी आबाद और फिर आबाद ही हो गई
बताओ तुमको क्या मिला बर्बाद करके मुझे

तेरे चेहरे की रंगत को तेरा दिल समझ बैठा
ये मेरी खता नहीं थी तो और क्या था
तेरे हर फरेब को नज़रअंदाज़ किया हंस कर
ये मेरी वफा नहीं थी तो और क्या था
माना कि दुखी हूँ तुझे निकाल कर ज़िंदगी से पर तुम्हें क्या मालूम
मैंने क्या हासिल कर लिया करके आज़ाद तुझे

मैं कोई फरिश्ता तो नहीं कभी कभी आता है ख्याल मुझे
क्यूंकी मैं अक्सर जो भी करता हूँ दूसरों के लिए करता हूँ
अब तो खोने को बचा नहीं है कुछ भी बाकी मेरे पास
बस तेरे ख्यालों को खुद से ज़ुदा करने से डरा करता हूँ
चाहता तो उजाड़ के रख देता तेरी दुनिया को मैं एक पल में
दोस्त कहते हैं फरिश्तों का काम किया है मैंने आबाद करके तुझे

पाक साफ थी मोहब्बत मेरी और तेरा प्यार बस दिखावा था
हम तो थे आईने तेरी मोहब्बत में पर तेरा प्यार छलावा था
तेरी बातें तो बेशक थीं देर रात तक मुझसे पर पता नहीं
कबसे तेरे सपनों में तो कोई था जो मेरे अलावा था
दर्द इस ज़ख्मी दिल का करूँ भी तो किस से बयां ऐ दिलरुबा
तू ही बता सकून मिला कितना तुझे यूं बर्बाद करके मुझे

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