Mere Satguru (मेरे सतगुरु)

हे Mere Satguru ( मेरे सतगुरु)जब आप यूँ  मुस्कुरा देते हो
मन हर्षित हो उठता है जब आप मुस्कुरा देते हो/

 

हो जाता है जीवन धन्य पाकर भक्ति का  दान

आपसे मिलने से पहले था मैं इस अद्भुत सुख से अन्जान

 

हल्का सा मुस्कुरा देना और पूछना हाल

प्यार से पीठ थपथपा  करते हो मालोमाल

 

जो देख कर नज़ारा होता है और पक्का विश्वास

आप के पा कर दर्शन हो जाते बहुत खास ही खास

 

ज़ब रूहानियत से भरा भक्त कहता है हर स्वास

तू ही मेरी जिंदगी का सहारा और तू ही मेरी हर आस

 

सतगुरु आता है इस संसार में ब्रम्हज्ञान का कराने बोध

जिसकी  प्राप्ति  करना चाहता है हर एक अबोध

 

जो पा ले ज्ञान का सागर वो तर जाये बन जाये अनमोल

स्थिरता आ जाए जीवन में  और मन हो जाए अडोल

 

खुशबू प्रेमा भक्ति की मानबता का रंग

ज़ीवन उत्सव बन गया पा सतगुरु का संग

 

बन जाता है यह हर पर्व भक्तों को आशीर्वाद

करता है मन इनके सजदे में हमेशा अभिनन्दन

 

आता है   कोई भी आपके चरणों में करने दुःख व्यान

देते हो  विचार में हर एक के दुःख,दर्द का समाधान

 

 

आपकी खूबियों को पाऊं बयाँ वो जुबां नहीं मेरे पास है

आप तो गुणों की खान और अबगुणों से भरा तेरा दास है

 

सतगुरु करता केवल  जग का कल्याण है

मेरे जैसे लाखों ही इस बात के प्रमाण हैं

 

 

 

 

मेरे सतगुरु (Mere Satguru) के साथ यह भी पढ़ें :-

  1. Sant Nirankari Mission
  2. Satguru-सतगुरु
  3. Zindagi me-ज़िन्दगी में
  4. Nirankar-निरंकार
  5. World-संसार
  6. Muskurahat-मुस्कराहट
  7. करो दुआ मेरे लिए

 

 

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