Purana Zamana - पुराना ज़माना

पुराना ज़माना (Old Time)

पुराना ज़माना (Old Time)

आज से तो पुराना ज़माना (Old Time) ही अच्छा था
क्योंकि आज के बदले पहले का इन्सान ज्यादा सच्चा था।

दिखता तो है कुछ और लेकिन अन्दर कुछ और है
चोला है फ़कीरी का लेकिन अन्दर चोर है
पहले तो फक्कर ही फ़कीर था जगा हुआ सबका ज़मीर था
बेशक तब घर थे कच्चे लेकिन सबका दिल तो पक्का था
इसलिए तो कहता हूं कि पुराना ज़माना (Old Time) ही अच्छा था

आज तो धर्म के नाम पर दंगा है नित नया ये पंगा
ऊपर से तो पाक साफ़ पर अन्दर से बिल्कुल गन्दा है
जुए में उड़ाया जा रहा है जो राहत का चन्दा है
पहले तो हर इन्सान का हर अल्फ़ाज़ सच्चा था ।
इसलिए तो कहता हूं कि…………..

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मतलब में बदल चुका है हर अल्फ़ाज़ आज इन्सान का
पैसा ही है सब कुछ आज  नहीं है मोल कोई ईमान का
नानक राम रहीम चाहे ईसा हर पैग़म्बर महान था
इनके नाम का वाचन करने वाला हर कोई तब सच्चा था
इसलिए तो कहता हूं कि…………..

सस्ती हो चुकी है कीमत लहू की जो चंद पैसों के लिए बहाया जाता है
पैसे के दम पर तो आजकल दाग़ खून का भी मिटाया जाता है
पता नहीं यह नई पीढ़ी का बदलाव है या फिर ऐसा सिखाया जाता है
हत्यारे (Killer)के नाम से जाना जाता है 15 साल का वो पहले जो बच्चा था
इसलिए तो कहता हूं कि…………..

 

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रिश्तों की नीलामी सरे बाज़ार हो रही है बदले हैं रिश्तेदार पर रिश्ता तो वही है
दिखलावे में बदल चुका है हर रिवाज़ दिखलावे के लिए सब लुटाना क्या सही है?
बनकर भाई यहाँ पर तो अक्सर करता है खिलवाड़ आबरू से
सोने की चैन में बदल चुका है वो जो धागा  राखी का कच्चा था
इसलिए तो कहता हूं कि…………..

 

जिसपर बीते वो तन जानता है
वरना हर कोई हक़ीकत को मज़ाक मानता है
कितना है कपटी और कितना है अच्छा
ये तो उसका मन जानता है
उसके ख़्याल को पढ़ना अब कोई खेल नहीं
जो धोखे को केवल एक खेल मानता है
आज बदल चुका है हर वादा झूठ में जो वादा कभी पाक और सच्चा था
इसलिए तो कहता हूं कि पुराना ज़माना ही अच्छा था

 

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About R.K.Jaswal

R.K.Jaswal
Hello! I am R.K.Jaswal, belongs to Una Distt. Part of beautiful Himachal Pradesh state of the great India. I like to read poetry, Shayari, moral stories, and listening to music. I also like to write such things i.e. Moral Stories, Shayari, and poetry in different categories. I confess that I am not a professional writer. I am just trying to give the words to my thoughts at Man Ke Par website. because I am a learner, not a professional writer, so there is much possibility for errors. So all of you are requested to kindly aware me about my mistakes by commenting on my posts. I am always available to improve my skills and minimize mistakes. Regards R.K.Jaswal

9 comments

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