tere siwa

तेरे सिवा | Tere Siwa

तेरे सिवा | Tere Siwa

इस दुनिया में कुछ भी सही नहीं है तेरे सिवा (Tere Siwa)
कोई और कहाँ चाहेगा इतना तुमको एक मेरे सिवा
किसी को भी राज बताने से डर लगता है क्योंकि,
लोगों ने सीखा ही नहीं दर्द के उपहास के सिवा l

 

अगर एक इंसान को शेर कहो तो गर्व करता है,
उसी को जानवर कहे तो उसने सीखा ही नहीं गुस्से के सिवा l
एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के हालात समझने चाहिए,
पर उसने सीखा ही नहीं गलत समझने की सिवा l

 

तमन्ना किसी ना किसी की पूरी होनी चाहिए,
भले ही तुम्हारी हो जाए मेरे सिवा l
जब आँखे गीली थीं तो हर चीज धुंधली थी क्योंकि,
सच की तस्वीर धुंधली थी झूठ के सिवा l

 

मुझे अपनी तरह टूटे हुए लोग ही पसंद है,
क्योंकि हममें पकड़ ज्यादा है अकड़ के सिवा l
तुम्हें ही मांगा है और तुम्हें ही पाया है,
क्योंकि मैंने कुछ सीखा ही नहीं तेरे प्यार के सिवा l

 

आज भी तुम्हारा प्यार सलामत है,
क्योंकि इस दिल में प्यार कैद है मेरी सांसो के सिवा l

 

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About Ajay Saini

Ajay Saini
मैं लाला राम सैनी (Ajay)ग्राम पोस्ट बरखेडा, तह.मालाखेडा,जिला.अलवर, राजस्थान पिन कोड 301406 का रहने वाला हूँ | मैंने Electronics Mechanic से ITI और हिन्दी साहित्य से Post Graduate हूं | वर्तमान में दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro-DMRC) में तकनीकी विभाग में कार्यरत हूँ | मुझे काव्य लेखन का अत्यधिक शौक है| इसलिए मैंने मन के पर वेबसाइट को चुना | यहाँ पर मुझे अपनी कला को साबित करने का मौका मिला है,मैं तहे दिल से Man Ke Par का आभारी हूँ |

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