The Eternal Bond of Brother and Sister

The Eternal Bond of Brother and Sister | भाई और बहन का अनन्त बंधन

भाई और बहन का अनन्त बंधन (The Eternal Bond of Brother and Sister) भाई और बहन के आपसी प्रेम की एक ऐसी अनूठी गाथा है; जो अंतर आत्मा  को गदगद कर देगी।

रेखा का जन्म शहर के नज़दीक के गाँव में हुआ था । उसका एक भाई था । उसका नाम आकाश था।
दोनों  भाई और बहन (Brother and Sister) उनके माता पिता कम्मो और रामलाल थे। गरीब होने के बावजूद वो अपने बच्चों का भरण पोषण यथासंभव कर रहे थे।
दोनों बच्चे बड़े हो रहे थे । अब बाकी के बच्चों को देखकर उनका भी मन अच्छे अच्छे कपड़े पहनने को करता था।
एक दिन रेखा ने अपने पिता की जेब से 50 रुपये चुरा लिए। रेखा अपने बालों के लिए Hairband लेना चाहती थी।
उनके पिता को इस चोरी के बारे में पता चल गया।

उन्होने दोनों बच्चों को अपने पास बुलाया और पूछा :-

रामलाल :- मेरे जेब में से पैसे किसने लिए हैं?
आकाश:- बापू हमने नहीं लिए हैं ।
इधर रेखा डर चुकी थी। उसने पहली बार चोरी की थी। उसके चेहरे पर पसीना था ।
रामलाल:- जल्दी से सच बताओ वरना दोनों को सज़ा मिलेगी ।
इस बार रामलाल के चेहरे पर गुस्सा साफ देखा जा सकता था । उधर रेखा को काटो तो खून नहीं
उसको अब यकीन हो चुका था कि उसे ज़रूर मार पड़ेगी । इतने में आकाश बोल पड़ा ।

आकाश :- पिताजी वो पैसे मैंने चुराए थे।

रामलाल रेखा को वो पैसे ढूंढकर लाने को कहता है। रेखा चुपचाप अंदर जाती है और पैसे लेकर आती है।
जब रेखा बाहर आती है तो आकाश की पिटाई हो रही होती है। वो भागकर उसको अपने आगोश में ले लेती है।
जैसे ही वो सच बोलने के लिए मुंह खोलती है आकेश उसका मुंह बंद करके चुप रहने का इशारा करता है।
शाम को रेखा रोते हुए आकाश को गले लगाकर अपने किए पर माफी मांगती है। आकाश उसको चुप कराता है।
आकाश:- चुप हो जाओ दीदी । कुछ नहीं हुआ। बस ऐसा गलत काम दोबारा मत करना ।
रेखा:- ठीक है आकाश। तुम्हारी कसम खाती हूँ दोबारा ऐसा कभी नहीं होगा।

ऐसे ही समय बीतता जाता है।

अब दोनों की दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई हो चुकी थी। रेखा की selection Electronics Diploma के लिए हो चुकी थी ।
उसको इसके लिए शहर जाना था। उधर आकाश भी नवमी कक्षा में पहुँच चुका था। अब रेखा की आगे की पढ़ाई के लिए रामलाल लगभग असमर्थ था।

उसने जैसे तैसे गाँव से उधार उठाया और रेखा को पढ़ने के लिए शहर भेज दिया। धीरे धीरे दो साल बीत गए।
अब रेखा अपने diploma के अंतिम वर्ष में थी । आकाश की भी selection Electrical Diploma के लिए हो चुकी थी ।
collage में कुछ दिनों की छुट्टियाँ थीं। इन दिनों रेखा भी घर आई हुई थी।

एक रात को रामलाल और कम्मो आपस में बात कर रहे थे।

रामलाल :- अब आकाश को भी शहर भेजना पड़ेगा। उसका भी selection हो गया है ।
कम्मो:- क्या फ़ायदा ? पढ़ा तो हम एक को भी नहीं पा रहे हैं।
कम्मो की आंकों में आँसू आ गए थे और उसका गला भर आया था। उनकी बातों को दोनों भाई बहन सुन रहे थे।
आकाश उठकर अपने माता पिता के पास जाता है और बोलता है कि मुझसे पढ़ाई नहीं होती । मैं आगे नहीं पढ़ना चाहता।
उसके पिता समझाते हैं कि यदि वो पढ़ेगा नहीं तो बड़ा आदमी कैसे बनेगा ?
सोते समय रेखा भी उसको बहुत समझाती है। वो चुपचाप सो जाता है।

सुबह जब सब उठते हैं तो आकाश बहाँ नहीं होता है। रेखा के सिरहाने के पास उसकी एक चिट्ठी मिलती है।
उसने चिट्ठी में लिखा होता है कि दीदी आप पढ़ाई करो। मैं पैसे कमाकर आपको खर्च भेजूँगा और कर्ज़ भी उतरूँगा।
सभी इस बात से बहुत दुखी थे। खैर रेखा अपने collage चली जाती है ।

एक दिन रेखा की एक सहेली उसके पास आती है और बोलती है कि गाँव से कोई तुम्हारे बारे में पूछ रहा है। वो बाहर खड़ा है।
रेखा बाहर जाते है यह सोचते हुए कि कौन हो सकता है? जब वो देखती है तो अपने भाई को गंदे कपड़ों में देखती है ।
वो भाग कर आकाश के पास जाती है और बोलती है तुमने क्यूँ नहीं बताया कि मेरे भाई हो?
आकाश मेरे हालत और सूरत देखो तुमहरी सहेलियाँ तुम्हारा मज़ाक बनातीं।
रेखा उसके गले लग जाती है और बोलती है मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता ।

वैसे तुम मुझे एक बात बताओ

आकाश :- हाँ पूछो।
रेखा:- तुम कहाँ चले गए थे।
आकाश:- कहीं नहीं। मैं एक पंखे बनाने वाली fectory में काम करता हूँ। Salary भी अच्छी मिल जाती है।
रेखा:- अच्छा!
आकाश:- Factory के मालिक मुझे अपने बेटे की तरह ही रखते हैं।
वैसे भी वो अकेले ही हैं। उन्होने मुझे आगे पढ़ाया भी है।

रेखा:- यह तो अच्छी बात है।
आकाश :- अपनी जेब से एक Golden colour का hairband देता है; और बोलता है आजकल इसका चलन ज्यादा है।
तुम भी इसे पहन लेना । तुमपर बहुत अच्छा लगेगा।
रेखा:- आँखों में भर आए आँसू पोंछते हुए उसके गले लग जाते है।
फिर दोनों में ढेर सारी बातें होती है। फिर आकाश बहाँ से चला जाता है।

धीरे धीरे आकाश सारे कर्ज़ उतार देता है।

उधर उसका मालिक उसको उसकी मेहनत को देखते हुए factory का Manager बना देता है।
अब आकाश भी सफल व्यक्ति बन चुका था। उधर रेखा की शादी भी हो जाती है।

कुछ समय के बाद आकाश अपना बिज़नस (Business) शुरू करता है, और वो सफल हो जाता है।
एक दिन आकाश की पार्टी चल रही थी। उसका परिवार और रेखा भी अपने पति के साथ बहाँ पर उपस्थित थी।
किसी ने उससे पूछा कि माँ बाप के अलावा वो किसे सबसे अधिक प्यार करता है।
आकाश बिना एक Second गँवाए रेखा का नाम लेता है; फिर वो एक ऐसी बात बताता है जो रेखा को याद भी नहीं थी।

वो बताता है कि एक दिन वो बहुत अधिक बीमार था। स्कूल (School) से घर लौटते समय ठंडी हवा और बारिश शुरू हो जाती है।
उस समय उसकी बहन अपनी शॉल भी उसको औढ़ा देती है, और दोनों किसी तरह से घर पहुँचते हैं।
उस समय रेखा भी बारिश में भीग चुकी होती है और उसका शरीर भी काँप रहा होता है।
उसको इतनी सर्दी लगी होती है कि उसके हाथ पाँव भी अकड़ चुके थे।
उसके नीले होते हुए हाथों को देखकर उसने उस दिन निश्चय किया था; कि वो हमेशा अपनी बहन (Sister) का ध्यान रखेगा।

तालियों की गड़गड़ाहट रेखा की तंद्रा भंग करती है; और वो अपने आंसुनो को पोंछते हुए अपने भाई (Brother) को गले लगा लेती है।
दोनों Brother and Sister एक दूसरे के गले लग कर आंसुओं की नदी बहा देते है।
Brother and Sister का ऐसा प्यार देखकर बहाँ का सारा माहौल भावनात्मक हो जाता है।

Moral

कई बार हमें लगता है कि जो कुछ हमने किसी के लिए किया वो बहुत छोटा सा काम है; लेकिन किसी के लिए उसका महत्व बहुत अधिक हो सकता है।
कुछ रिश्ते हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं; इसलिए हमेशा रिश्तों की कद्र करनी चाहिए और उन्हें प्यार और देखभाल से पोषित करते रहना चाहिए ।

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